कैनाबिस के स्वाद को कैसे बढ़ाएं?
- 1. कैनाबिस के फ्लेवर बढ़ाने का सबसे बढ़िया तरीका
- 1. a. पौधों पर हल्का तनाव डालें
- 1. b. पानी देना रोकें
- 1. c. Lst
- 1. d. सुपरक्रॉपिंग
- 1. e. डिफोलीएशन
- 2. टेरपीन बढ़ाने वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें
- 3. अपने फसल को सुपर सॉयल मिक्स में उगाएं
- 4. हल्की नमी बढ़ाएं
- 5. हार्वेस्ट के बाद फ्लेवर बढ़ाएं
- 5. a. वीड को सुखाना
- 5. b. वीड को क्योर करना
“वीड का स्वाद कैसे बढ़ाया जाए” यह सवाल कई लोग पूछते हैं, खासकर जब वे फेमिनाइज़्ड सीड्स उगाने जा रहे होते हैं। और, यह सिर्फ ग्रोअर्स तक ही सीमित नहीं है, बल्कि केनाबिस खरीदने वाले यूज़र्स भी यही सवाल पूछते हैं। इस आर्टिकल में आपको कैनाबिस का स्वाद बढ़ाने के टिप्स मिलेंगे जो खासतौर पर उन ग्रोअर्स के लिए फायदेमंद हैं जो खुद उगाते हैं। नॉन-ग्रोअर्स के लिए, इस लेख के अंत में एक सेक्शन मदद कर सकता है। तो, क्या मारिजुआना का स्वाद बढ़ाना संभव है? हां, यह बिल्कुल संभव है। इसे करना मजेदार है और सबसे अच्छी बात यह है कि यह सुरक्षित है। कम से कम यहां दिए गए तरीके तो...
1. कैनाबिस के फ्लेवर बढ़ाने का सबसे बढ़िया तरीका
कैनाबिस में आपको ढेर सारे फ्लेवर मिल सकते हैं। यह वाकई दिमाग घुमा देने वाला है। उदाहरण के लिए, ग्रीन क्रैक ताजे आम की तरह खुशबू और स्वाद देता है! और, यह जादू पौधे में पाए जाने वाले टेरपीन के कारण है। इसलिए, आपको बीज खरीदने से पहले फ्लेवर पर ध्यान देना चाहिए। स्वाभाविक रूप से, अगर आप ऐसे स्ट्रेन्स चुनते हैं जिनका स्वाद टेस्ट करके चुना गया है, तो आप बढ़िया स्वाद वाली कैनाबिस उगाने में ज्यादा सफल होंगे। चाहे आपको कोई भी फ्लेवर पसंद हो – चॉकलेट, स्ट्रॉबेरी, चेरी, आम, पाइनएप्पल, या सिट्रस – आपको सब मिल जाएंगे।
ब्रीडर्स इन स्ट्रेन्स को खास मकसद से उगाते हैं – फ्लेवर। वे इनकी परागणता प्रूवेन और टेस्टेड स्ट्रेन्स से करते हैं ताकि जादुई और स्वादिष्ट सीड्स मिलें। अब तक आप समझ ही गए हैं कि चूंकि टेरपीन ही कलियों का असली मैजिक बनाते हैं, आपको टेरपीन बढ़ाने पर फोकस करना चाहिए। आप इसे पौधे के बढ़ते समय कर सकते हैं। लेकिन इस पोस्ट में हम फ्लेवर्स बढ़ाने के अलग-अलग तरीकों के बारे में बात करेंगे।
पौधों पर हल्का तनाव डालें
हां, आपने सही पढ़ा। पौधों को थोड़ा तनाव देने से आप दरअसल उन्हें अपनी पूरी क्षमता दिखाने के लिए मजबूर करते हैं। उदाहरण के लिए, क्या आपने नोटिस किया है कि छोटे गमलों में पौधों पर ज्यादा फूल आते हैं, बजाय बड़े गमलों के? इसका कारण है कि छोटे गमले पौधों को जगह के लिए लड़ने पर मजबूर कर देते हैं। लेकिन, यह याद रखें कि पौधों को ज्यादा तनाव नहीं देना चाहिए। ज्यादा करने पर पौधे मर सकते हैं। आप मूजूदा अलग-अलग तरीकों से ग्रोथ के दौरान पौधों पर हल्का तनाव शुरू कर सकते हैं।
पानी देना रोकें
सबसे पहले, जब फसल कटाई (हार्वेस्ट) के करीब हो, तो पौधों को पानी देना बंद कर दें। उदाहरण के लिए, अगर आप हर 3 दिन में पानी देते हैं तो एक साइकल छोड़ दें। लेकिन, पौधों की स्थिति पर नजर रखें। अगर वे ज्यादा झुक जाएं तो थोड़ा सा पानी दें। यह तब न करें जब पौधे हार्वेस्ट से बहुत दूर हों, वरना उनकी कलियां खराब हो सकती हैं।
LST
कैनाबिस के पौधों पर हल्का तनाव डालने का एक और सामान्य तरीका है LST। लो-स्ट्रेस ट्रेनिंग एक तकनीक है जिसमें आप डंठल को कंटेनर की साइड की ओर झुका देते हैं ताकि रौशनी समान रूप से बंट सके।

नीचे की कलियों को भी ज्यादा रौशनी मिलती है और आप उन पॉपकॉर्न बड्स को बढ़िया, डैंकी बड्स में बदल सकते हैं। इसे SOG के साथ मिला दें और आपका गार्डन बड्स से भर जाएगा। LST से लाइटिंग काफी बेहतर हो जाती है। लेकिन, आपको यह भी आज़माना चाहिए क्योंकि इससे पौधों पर हल्का तनाव पड़ता है। सही ढंग से करें तो पौधे की परफॉर्मेंस आपकी कल्पना से भी बेहतर हो सकती है।
सुपरक्रॉपिंग
कुछ लोग पौधे की मजबूत डालियों को तोड़ कर पौधे को और अधिक तनाव देते हैं। इस तकनीक को सुपरक्रॉपिंग कहते हैं। लेकिन, इसे ऑटोफ्लावर के साथ न करें क्योंकि उनकी लाइफ कम होती है। हालांकि कुछ अनुभवी ग्रोअर्स ऑटोफ्लावर के साथ भी सुपरक्रॉपिंग करते हैं, लेकिन शुरुआती लोगों को यह नहीं करना चाहिए। कभी-कभी पौधा समय पर रिकवर नहीं कर पाता और आपकी पैदावार कम हो सकती है। इसलिए, शुरुआती लोग हर तनाव देने वाली तकनीक को सतर्कता से अपनाएं।
डिफोलीएशन
डिफोलीएशन एक प्रक्रिया है जिसमें आप पौधे की पत्तियां हटाते हैं ताकि पौधे को हल्का तनाव मिले। LST की तरह, यह तरीके भी कम पत्तियों के कारण पौधे को ज्यादा रौशनी मिलता है। खासतौर पर कलियों के आसपास की पत्तियों को हटाएं ताकि बड्स को ज्यादा रौशनी मिले। अगर आप ऑटोफ्लावर्स उगा रहे हैं, तो यह तरीका तभी अपनाएं जब पौधा वेजिटेटिव स्टेज में हो। साथ ही सुनिश्चित करें कि आप जरूरत से ज्यादा पत्तियां न तोड़ें, भले ही पौधा वेजिटेटिव स्टेज में ही क्यों न हो। मतलब, फ्लावरिंग स्टेज में आक्रामक डिफोलीएशन यील्ड पर नकारात्मक असर डालेगा।
2. टेरपीन बढ़ाने वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें
अब आप जान ही चुके हैं कि टेरपीन बढ़ाने से कैनाबिस का स्वाद बढ़ता है। इसलिए, टरपिनेटर, स्वीट और रॉक रेजिनेटर जैसे प्रोडक्ट्स खरीदें जिससे पौधे ज्यादा रेजिन बनाएं। लेकिन, अगर आप खुद का फर्टिलाइजर बनाना चाहते हैं, जो इन कमर्शियल प्रोडक्ट्स से बेहतर हो सकता है, तो गुड़ (मोलासिस) का उपयोग करें।

पौधों में रेजिन बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका है गुड़ का उपयोग करना। बस पौधों को पानी देने से पहले उसमें एक बड़ा चम्मच गुड़ मिलाएं। इसका फायदा? यह बस मिट्टी में मौजूद माइक्रोब्स को फीड करता है। अगर आपने माइक्रोब्स को खुश रखा तो वे सुनिश्चित करेंगे कि मिट्टी के पोषक तत्व पौधे के हर हिस्से में पहुंच जाएं। आप गुड़ की जगह ब्राउन शुगर भी ले सकते हैं। फर्टिलाइजर को बेहतर बनाने के लिए, किराना स्टोर से मैग्नीशियम सल्फेट या एप्सम साल्ट मिला दें ताकि रेजिन बनना और बढ़े।
यहां है एक क्विक रेसिपी:
- 1 चम्मच ब्राउन शुगर
- 9 बड़े चम्मच एप्सम साल्ट
- 4 कप पानी
पानी को पैन में उबालें। बाकी दोनों चीजों को अच्छे से घोलें। जब अच्छे से घुल जाए तो गैस बंद कर दें। मिश्रण को ठंडा होने दें। पानी के साथ मिलाकर घोल को एक गैलन कर लें। इसे कंटेनर में स्टोर करें। अब हर बार जब आप फ्लावरिंग के दौरान पौधों को पानी दें तो एक गैलन पानी में 8-10 मिली इसका इस्तेमाल करें और आप पौधों को शानदार रूप से आगे बढ़ते देखेंगे।
ध्यान रखें कि अधिकांश प्रोडक्ट्स जो रेजिन बढ़ाते हैं, उनका मुख्य घटक पोटेशियम सल्फेट या गुड़ ही होता है। दोनों का इस्तमाल कर सकते हैं, लेकिन रेसिपी का सही अनुपात ही फॉलो करें, ताकि पौधों को कोई नुकसान न हो। नेचुरल इंग्रीडिएंट जैसे गुड़ में वैसे चिंता कम होती है, लेकिन उसे अच्छे से घोलकर डालें।
3. अपने फसल को सुपर सॉयल मिक्स में उगाएं
यह तरीका थोड़ा विवादास्पद हो सकता है, लेकिन ज्यादातर अनुभवी कैनाबिस ग्रोअर्स इस बात की पुष्टि करते हैं कि बहुत उपजाऊ, कैनाबिस-विशेष सुपर सॉयल मिक्स में उगाई गई फसल सबसे अच्छा स्वाद और खुशबू देती है। क्यों? क्योंकि इन मिक्स में सभी जरूरी मैक्रो और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स, फंगाई और फायदेमंद बैक्टीरिया होते हैं। यह नहीं कि सिंथेटिक हाइड्रोपोनिक फर्टिलाइज़र में सब कुछ नहीं मिलता, लेकिन मिट्टी के साथ आपको अतिरिक्त फायदे मिलते हैं।

इसका मतलब है कि हर एक यूनिकनेस प्रकट हो सकती है और सारे स्वादिष्ट टेरपीन नेचर के अनुसार विकसित हो सकते हैं। सुपर सॉयल मिक्सेस को, हालांकि, बनाते समय विस्तार और थोड़ी मेहनत चाहिए। लेकिन जो लोग हाथ गंदे करना पसंद करते हैं, उनके लिए परिणाम शानदार होता है। बस अपनी पसंदीदा रेसिपी का पालन करें, थोड़े स्टार्टर पॉट्स बनाएं और उनमें सॉयल व कंपोस्ट डालकर कैनाबिस सीड्स या क्लोन्स लगा दें।
सबकूल्स' सुपर सॉयल मिक्स
महान ग्रोअर SUBCOOL ने अपनी प्रसिद्ध सुपर सॉयल रेसिपी 2009 में High Times आर्टिकल में साझा की थी, और हालांकि इसमें मेहनत और लंबी इंग्रीडिएंट लिस्ट लगती है, परिणाम बहुत बार साबित हुए हैं कि यह मेहनत के लायक है। 15 साल की ट्रायल व एरर, डोज को फाइन-ट्यून करने और पसीने के बाद, सबकूल ने जो मिक्स चुना, वह है:
- 8 बड़े बैग उन्नत ऑर्गेनिक पॉटिंग सॉयल जिसमें कोको फाइबर और मायकोराइज़ा (यानी बेस सॉयल) हो
- 25 से 50 पाउंड ऑर्गेनिक वर्मीकास्टिंग
- 5 पाउंड स्टीम्ड बोन मील
- 5 पाउंड ब्लूम बैट गुआनो
- 5 पाउंड ब्लड मील
- 3 पाउंड रॉक फॉस्फेट
- 0.75 कप एप्सम साल्ट
- 0.5 कप स्वीट लाइम
- 0.5 कप अजमाइट
- 2 टेबलस्पून पाउडर ह्यूमिक एसिड
इन्हें अपनी सुविधा अनुसार अच्छी तरह मिला लें - हम तो एक बड़ी तिरपाल बिछा कर दोस्तों के साथ मिक्स करते हैं लेकिन चाहें तो मिक्सर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। जब सब अच्छी तरह मिल जाए तो आपको इसे 'कुक' या ‘क्योर’ होने देना होगा। एक महीने बाद ये उपयोग के लिए तैयार है। ध्यान रखें, यह सुपर सॉयल सीडलिंग्स या क्लोन्स के लिए बहुत स्ट्रॉन्ग है।
अगर आप छोटे पौधे इसमें सीधे डालेंगे तो वे जरूर नुट्रिएंट बर्न से मर जाएंगे। सही तरीका है कि बेस सॉयल खरीदें या खुद तैयार करें थोड़े अच्छे कंपोस्ट, पर्लाइट, कोको-कोयर के साथ। गमले के निचले आधे हिस्से में सुपर सॉयल डालें और बाकी ऊपर बेस सॉयल भरें। जैसे-जैसे पौधे बढ़ेंगे और ज्यादा न्यूट्रिएंट्स चाहिए, उनकी जड़ें निचले लेयर तक पहुंच जाएंगी। इस सेटअप के साथ आपको पूरे सीजन में सिर्फ पानी देना होगा।
4. हल्की नमी बढ़ाएं
जब आप टेरपीन बढ़ाना चाहते हैं तो नमी भी बड़ा रोल निभाती है। पौधों के आसपास नमी बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका है ह्यूमिडिफायर का उपयोग करना। आप चाहें तो पत्तियों पर पानी स्प्रे कर सकते हैं, लेकिन ध्यान दें कि बगीचे में ज्यादा नमी न बन जाए। साथ ही कोशिश करें कि नमी स्थिर रहे, और कभी भी फूलों पर सीधे पानी स्प्रे न करें। गीली कलियां फंगल और मोल्ड की समस्या बढ़ाती हैं, इसलिए स्प्रे बॉटल से बहुत संभलकर काम लें।
5. हार्वेस्ट के बाद फ्लेवर बढ़ाएं
यह उन लोगों के लिए है जो बड्स खरीदते हैं। कभी-कभी कैनाबिस का स्वाद चला जाता है, और उसके कई कारण हो सकते हैं। अगर बड्स को सही तरह से स्टोर या क्योर नहीं किया गया तो वे स्वाद खो बैठते हैं। अगर बड्स बहुत पुराने भी हो जाएं तो भी फ्लेवर कम हो सकता है। ऐसे मामलों में आप फ्लेवर बढ़ा सकते हैं, लेकिन आपके विकल्प सीमित होते हैं। जैसे, अगर आपके पास ऐसा जार है जिसमें कैनाबिस सिट्रस की खुशबू देता है, तो आप कंटेनर के ऊपर लेमन स्लाइस टेप करके फ्लेवर बढ़ा सकते हैं।

यह तरीका कारगर है और जार खोलते ही तीखी सिट्रस खुशबू मिलेगी। लेकिन दो बातें ध्यान रखें। पहला, स्लाइस थोड़े समय के लिए रखें। 12 घंटे काफी हैं। अगर 24 घंटे से ज्यादा रखें तो मोल्ड लग सकता है। स्लाइस में बहुत नमी होती है, इसलिए बड्स मोल्ड खींच सकते हैं। अगर जरा भी बड्स भीगने की संभावना हो तो कंटेनर का ढक्कन हटा दें और बड्स कुछ देर खुली हवा में रखें। अब, अगर आप अपने वीड पर नींबू की स्लाइस नहीं रखना चाहते या कुछ अलग नहीं करना चाहते, तो सबसे बेहतर है कि आप अपने वीड को न सिर्फ उगाएं बल्कि अच्छे से सुखाएं और क्योर करें।
वीड को सुखाना
हार्वेस्ट के बाद अपने कैनाबिस पौधों को सुखाना और क्योर करना बहुत जरूरी है। इन दोनों प्रोसेस से फ्लेवर्स और कैनाबिनॉइड्स सुरक्षित रहते हैं और क्लोरोफिल निकल जाता है जो फूलों को पौधे जैसा स्वाद देता है। सुखाने के दौरान कलियों में मौजूद नमी निकालनी होती है जिससे फूल अपनी वजन का 75% तक खो सकते हैं। इस प्रोसेस में आपको तय करना होगा कि आप ड्राई ट्रिम करेंगे या वेट ट्रिम, क्योंकि इससे सुखाने में फर्क आ सकता है। जैसा नाम से स्पष्ट है, ड्राई ट्रिम का मतलब है सुखाने के बाद ट्रिमिंग और वेट ट्रिम का मतलब है सुखाने से पहले ट्रिमिंग।
इसे ध्यान में रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि सबसे अच्छे सुखाने की स्थिति होती है 55-60% नमी और 20°C तापमान लगभग 7-15 दिनों तक। आपकी परिस्थिति के अनुसार आप ट्रिमिंग चुनें। सुखाने की प्रक्रिया बहुत तेज़ या बहुत सुस्त नहीं होनी चाहिए, वरना बड्स बहुत ज्यादा सूख जाएंगे तो टेरपीन चला जाएगा, और बहुत गीले रह जाएंगे तो मोल्ड लग सकता है।
वीड को क्योर करना
एक बार बड्स अच्छे से सूख जाएं और ट्रिम कर लें, तब उनमें से लगभग सारी नमी निकल जाती है, और अब बारी है वीड को क्योर करने की। क्योरिंग के लिए आपको एयरटाइट मेसन जार की जरूरत होगी, ताकि नमी बंद रहे और टेरपीन सुरक्षित रहे। आपके वीड के सूखने के मुताबिक, आपको जार को खोल कर मौजदू नमी निकलने देना है, यानी जार को प्रतिदिन 5-15 मिनट के लिए एक-दो बार खोलना है, मात्रा के अनुसार। क्योरिंग की पूरी प्रक्रिया आम तौर पर एक से दो हफ्ते चलती है, इसके बाद सुनिश्चित करें कि क्योरिंग जार के अंदर नमी 55-65% के बीच हो। नमी फिक्स होने के बाद आपको जार खोलने की ज़रूरत नहीं, अब बस स्टोर करें और आनंद लें!
टेरपीन बढ़ाने के और भी कई तरीके हैं, लेकिन वह फिर कभी!
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