इटली में बाहरी कैनबिस की खेती: सप्ताह-दर-सप्ताह गाइड
- 1. इटली के जलवायु क्षेत्र
- 2. इटली में कैनबिस उगाना: सप्ताह-दर-सप्ताह
- 2. a. साप्ताह 1 - अंकुरण (1 मार्च - 7 मार्च)
- 2. b. सप्ताह 2 - सीडलिंग स्टेज (8 मार्च - 14 मार्च)
- 2. c. सप्ताह 3 - वेजिटेटिव स्टेज (15 मार्च - 21 मार्च)
- 2. d. सप्ताह 4 - वेजिटेटिव स्टेज (22 मार्च - 28 मार्च)
- 2. e. सप्ताह 5 - वेजिटेटिव स्टेज (22 मार्च - 28 मार्च)
- 2. f. सप्ताह 6 - प्री-फ्लावरिंग (5 अप्रैल - 25 अप्रैल)
- 2. g. सप्ताह 7 - फ्लावरिंग (12 अप्रैल - 18 अप्रैल)
- 2. h. सप्ताह 8 - फ्लावरिंग (19 अप्रैल - 25 अप्रैल)
- 2. i. सप्ताह 9 - फ्लावरिंग (12 अप्रैल - 18 अप्रैल)
- 3. कटाई के बाद की प्रक्रिया
- 3. a. कैनबिस की ट्रिमिंग
- 3. b. कैनबिस क्योरिंग
- 4. इटली में बाहरी कैनबिस ग्रोइंग के टिप्स
- 4. a. सर्वश्रेष्ठ मिट्टी
- 4. b. सही जेनेटिक्स चुनना
- 4. c. सुगंध छुपाएँ
- 4. d. गुरिल्ला ग्रोइंग
- 4. e. बड़े बड्स पाएं
- 4. f. सर्वश्रेष्ठ न्यूट्रिएंट्स
- 5. इटली में आम कीट
- 6. इटली में पानी की गुणवत्ता
- 7. क्या इटली में कैनबिस कानूनी है?
- 8. निष्कर्ष
2026 में भी, इटली में गांजा अभी तक कानूनी नहीं है। हालांकि आप ऐसे ग्रो शॉप पा सकते हैं, जहाँ सब कुछ मिलता है जो आपको खुद उगाने के लिए चाहिए, साथ ही फेमिनाइज़्ड बीज, उपकरण, और CBD फूल, फिर भी अगर आपके पास यह सिद्ध करने का तरीका नहीं है कि आप अपनी खुद की खपत के लिए उगा रहे हैं तो आपको कानून से परेशानी हो सकती है।
1. इटली के जलवायु क्षेत्र
बाहरी रूप से कैनबिस उगाना शुरू करते समय आपको सतर्क रहना चाहिए क्योंकि नमी, तापमान और प्रकाश-चक्र पौधों की वृद्धि और यील्ड पर असर डाल सकते हैं। इटली में छह जलवायु क्षेत्र हैं, जो पहाड़ों से लेकर समुद्र तट तक फैले हुए हैं। इन क्षेत्रो के अधिकांश हिस्से बाहरी रूप से कैनबिस की खेती के लिए उपयुक्त हैं। सही जेनेटिक्स चुनें और कुछ युक्तियाँ अपनाकर नमी को बनाए रखें ताकि बेहतरीन आउटडोर यील्ड मिल पाए। आप ऑटोफ्लावरिंग स्त्रैन्स के साथ शानदार परिणाम पा सकते हैं। इसके लिए, सबसे पहले आपको पता होना चाहिए कि इटली के क्षेत्र कौन-कौन से हैं और वर्षभर तापमान में कैसे परिवर्तन आता है:

हालांकि, इटली की भौगोलिक विविधता के कारण, छोटी दूरी में भी परिस्थितियाँ काफी बदल सकती हैं। ऊँचाई, समुद्र के नजदीक होने और स्थानीय हवा की प्रवृत्तियाँ फर्क ला सकती हैं, इसलिए क्षेत्रीय औसत को सिर्फ एक शुरुआती बिंदु की तरह देखें, फ़ाइनल पूर्वानुमान की तरह नहीं।
गर्मियों की गर्म भूमध्यसागरीय जलवायु (Csa)
यह गर्म भूमध्यसागरीय मौसम सभी तटीय क्षेत्रों में पाया जाता है; सर्दियों का औसत तापमान उत्तर में 6°C से लेकर दक्षिण में 14°C तक रहता है। गर्म व शुष्क ग्रीष्मकाल में औसत तापमान उत्तर में 23°C के आसपास और दक्षिण में 28°C तक पहुँच सकता है। यहाँ का वातावरण सार्देन्या, सिसिली, कालाब्रिया और पुगलिया जैसे क्षेत्रों में मिलता है।
| माह | औसत उच्च (C°) | औसत न्यूनतम (C°) | औसत (C°) | आर्द्रता | सूर्य का समय |
|---|---|---|---|---|---|
| मई | 22.6 | 12.1 | 17.3 | 70% | 14:15घं |
| जून | 26.2 | 15.6 | 20.9 | 69% | 15घं |
| जुलाई | 29.3 | 18.0 | 23.6 | 68% | 15घं |
| अगस्त | 29.5 | 17.9 | 23.7 | 68% | 14घं |
| सितंबर | 26.3 | 15.3 | 20.8 | 71% | 12:45घं |
समुद्री क्षेत्रों में लम्बे ग्रीष्मकालीन हीटवेव्स और पानी की कमी हो सकती है। असामान्य गर्म या शुष्क समय में स्थानीय मौसम पूर्वानुमान और नगरपालिका सलाह पर ध्यान दें।
गर्म-मध्यम भूमध्यसागरीय जलवायु (Csb)
यह इनलैंड क्षेत्रों में पाई जाती है। यह Csa जलवायु के समान है, पर सर्दियों में अधिक नमी होती है। औसत तापमान सर्दियों में 3-5°C (बर्फबारी संभव) और गर्मियों में 21°C तक पहुँच सकता है। मुख्य क्षेत्र हैं लाजियो, अब्रूज्जो, मोलीज़े और कम्पानिया।
| माह | औसत उच्च (C°) | औसत न्यूनतम (C°) | औसत (C°) | आर्द्रता | सूर्य का समय |
|---|---|---|---|---|---|
| जून | 33.0 | 12.7 | 17.5 | 70% | 15घं |
| जुलाई | 36.8 | 15.4 | 20.6 | 68% | 14:45घं |
| अगस्त | 36.8 | 15.7 | 20.7 | 70% | 14घं |
| सितंबर | 33.2 | 12.7 | 17.2 | 74% | 12:45घं |
इनलैंड क्षेत्रों में दिन-रात का तापमान अंतर तटीय क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा होता है। जब मौसमी डेटा की तुलना करें तब इस अंतर को ध्यान में रखें।
ह्यूमिड सबट्रॉपिकल जलवायु (Cfa)
इस जलवायु में मौसम अधिक स्पष्ट होते हैं और ये मुख्यतः उत्तर के घाटी क्षेत्रों में पाई जाती है। गर्मियों में अधिक गरमी व नमी (22°C) और सर्दियों में हल्की ठंड (1-3°C) होती है। मुख्य क्षेत्र हैं ट्रिएस्ते, अंकोना, और अलेस्सांद्रीनो।
| माह | औसत उच्च (C°) | औसत न्यूनतम (C°) | औसत (C°) | आर्द्रता | सूर्य का समय |
|---|---|---|---|---|---|
| मई | 22.3 | 11.6 | 17.0 | 68% | 15घं |
| जून | 26.2 | 15.4 | 20.8 | 68% | 15:40घं |
| जुलाई | 29.2 | 18.0 | 23.6 | 67% | 15:15घं |
| अगस्त | 28.5 | 17.6 | 23.0 | 70% | 13:50घं |
| सितंबर | 24.4 | 14.0 | 19.2 | 74% | 12:20घं |
उत्तर की घाटियों में रुकी हुई हवा और लगातार नमी फंगल रोगों के लिए उपयुक्त परिस्थितियाँ बना सकती हैं। पत्तियों और आसपास की वनस्पति को देखकर संभावित समस्याओं की पहचान जल्दी हो सकती है।
Cfa और Csa जलवायु के बीच संक्रमण
इटली के कुछ क्षेत्र ऐसे हैं, जहाँ मौसम को पूरी तरह से किसी एक श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। जैसे- फेरारा और अलेस्सान्द्रिया, यहाँ गर्मियाँ अधिक न तो शुष्क होती हैं न बहुत नम और सर्दियाँ हल्की ठंडी होती हैं। ये क्षेत्र ह्यूमिड सबट्रॉपिकल एवं गर्म भूमध्यसागरीय जलवायु के बीच संक्रमण क्षेत्र हैं। यहाँ गर्मियों में औसत तापमान 22-23°C और सर्दियों में 6-7°C के बीच रहता है।
| माह | औसत उच्च (C°) | औसत न्यूनतम (C°) | औसत (C°) | आर्द्रता | सूर्य का समय |
|---|---|---|---|---|---|
| मई | 23.7 | 11.6 | 17.7 | 65% | 14:45घं |
| जून | 27.7 | 15.0 | 21.4 | 62% | 15:30घं |
| जुलाई | 31.4 | 17.7 | 24.6 | 59% | 15घं |
| अगस्त | 31.5 | 17.7 | 24.6 | 60% | 13:45घं |
| सितंबर | 26.7 | 14.4 | 20.5 | 65% | 12:30घं |
ओशैनिक जलवायु (Cfb)
ओशैनिक मौसम मुख्यतः अपेनाइन्स में पाया जाता है, जहाँ गर्मियों में औसत तापमान 17-21°C और सर्दियों में 2-4°C होता है। यह जलवायु उत्तर में 400 मीटर और दक्षिण में 500 मीटर ऊँचाई पर मिलती है।
| माह | औसत उच्च (C°) | औसत न्यूनतम (C°) | औसत (C°) | आर्द्रता | सूर्य का समय |
|---|---|---|---|---|---|
| जून | 25.3 | 12.2 | 18.7 | 62% | 15:30घं |
| जुलाई | 29.0 | 14.2 | 21.6 | 59% | 15घं |
| अगस्त | 29.1 | 14.1 | 21.6 | 60% | 13:45घं |
| सितंबर | 24.7 | 11.4 | 18.1 | 65% | 12:30घं |
ऊँचाई पर वसंत देर से आता है और पतझड़ जल्दी शुरू हो जाता है। एक ही प्रान्त के दो स्थानों में भी ठंढ-रहित समय अंतर अलग-अलग हो सकता है।
ह्यूमिड कॉन्टिनेंटल जलवायु (Dfb)
यह जलवायु अल्प्स में 1000 मीटर या उससे अधिक ऊँचाई पर मिलती है। यहाँ तापमान -7 से -3°C तक ठंडा और गर्मियाँ 13-18°C तक होती हैं।
सबआर्कटिक जलवायु (Dfc)
लगभग 1600-1800 मीटर की अल्पाइन घाटी में, सर्दियाँ बेहद ठंडी (-12 से -5°C) होती हैं और गर्मियाँ भी ठंडी (10-12°C) होती हैं।
टुंड्रा जलवायु (ET)
सबआर्कटिक मौसम से ऊपर पहुँचने पर टुंड्रा जलवायु मिलती है जहाँ पूरे साल औसत तापमान करीब 8°C रहता है।
2. इटली में कैनबिस उगाना: सप्ताह-दर-सप्ताह
नीचे दी गई तारीखें फ्लोरेंस के लिए एक उदाहरण हैं, कोई निर्धरित समय-सारणी नहीं। हर साल मौसमी बदलाव आते हैं, और अलग-अलग जिनेटिक वैरायटीज़ का विकास भी अलग दर से हो सकता है।
बीज जमाने से पहले किन बातों पर ध्यान दें?
बीज जमाने से पहले यह जानना जरूरी है कि अगले कुछ हफ्तों में मौसम कैसा रहेगा। नमी, तापमान और धूप आपके पौधों की वृद्धि और आउटडोर यील्ड पर प्रभाव डालेंगे।
तापमान, नमी और सूरज की घंटे आप आउटडोर नहीं बदल सकते, इसलिए अच्छी योजना बनाना जरूरी है। इसी तरह आप अच्छी फसल और आउटडोर यील्ड सुनिश्चित करते हैं।
आप किस प्रकार के पौधे की योजना बना रहे हैं (ऑटो या फोटो) उसके अनुसार लाइट डेप्रिवेशन जैसी तकनीकें इस्तेमाल कर सकते हैं ताकि पौधे को कम लाइट मिले और वह अधिक समय तक वृद्धि करता रहे। इसके लिए इस्तेमाल किए जाने वाले प्लास्टिक तिरपाल को बारिश से बचाव के लिए भी ढंकने में इस्तेमाल किया जा सकता है।
आने वाले महीनों का मौसम जानकर आप अपनी ग्रोइंग योजना और तरीका बेहतर बना सकते हैं। उदाहरण के लिए, मार्च के कुछ दिन बहुत अधिक आर्द्रता वाले होते हैं—ऐसे में आप LST शुरू कर सकते हैं ताकि वेंटिलेशन अच्छा रहे और फफूंदी और कीड़े न लगें।

मौसम का पहले से अंदाजा लगाकर आप आउटडोर यील्ड बेहतर कर सकते हैं और अधिक नमी या ठंडे मौसम से होने वाली दिक्कतों से बच सकते हैं। साथ ही आप निर्धारित कर सकते हैं कि आपका पौधा कब फ्लावरिंग स्टेज में आए ताकि उसे ज्यादा रोशनी मिले। नीचे के चार्ट में, मार्च में आपको 11 घंटे की धूप मिलेगी, वहीं मई में 15 घंटे, जो पौधों के विकास में बड़ा फर्क लाती है। अगर आप मार्च में शुरुआत करना चाहते हैं, तो नीचे पढ़ें सप्ताह-दर-सप्ताह कैसा विकास होगा:
साप्ताह 1 - अंकुरण (1 मार्च - 7 मार्च)
अगर आप कुछ बीज अंकुरित करते हैं (जो बीज से हार्वेस्ट तक 9 सप्ताह लेता है) और 10 मार्च को पौधे लगाते हैं, तो 2 मई के आसपास फसल कटाई हो सकती है। इस तरह अनुमानित हार्वेस्ट डेट से ग्रोइंग साइकिल के दौरान मौसम की योजना बना सकते हैं।

बीजों को अंकुरित होने में 7 दिन लग सकते हैं, इसलिए अगर आपको 10 मार्च को पौधा लगाना है, तो 1-2 मार्च से अंकुरण प्रक्रिया शुरू करनी होगी, हालाँकि यह पूरी तरह बीज पर निर्भर करता है; कुछ बीज 72 घंटों में, कुछ एक हफ्ता लग सकते हैं। यह ध्यान रखें कि पौधे जीवित होते हैं, आप उनकी प्राकृतिक प्रक्रिया तेज नहीं कर सकते, और कभी-कभी वे आपकी योजना से भी धीमे बढ़ सकते हैं।

जैसा कि आप देख सकते हैं, पहले सप्ताह में पौधे अंकुरित होकर पहली सच्ची पत्तियाँ बनाते हैं। यह सही विकास का संकेत है।
सप्ताह 2 - सीडलिंग स्टेज (8 मार्च - 14 मार्च)
जब पौधा मिट्टी से बाहर आ जाता है, तो पहली सच्ची पत्तियों के दिखने में 3-5 दिन लग सकते हैं। इस स्टेज में हमें अधिक आर्द्रता रखनी चाहिए। चार्ट के अनुसार अपेक्षाकृत कम नमी मिलेगी, सिवाय दो-चार दिनों को छोड़कर।

इसलिए आपको पौधे के ऊपर डोम लगाना चाहिए ताकि नमी बनी रहे और बार-बार पानी स्प्रे करें ताकि पौधा सूख न जाए। कोशिश करें कि नमी 80% के आसपास रहे, ताकि पौधा न सूखे और मरे। मार्च के अंकुरण एवं सीडलिंग स्टेज के बाद अप्रैल में पौधा वेजिटेटिव स्टेज में जाएगा।

दूसरे सप्ताह में पौधा अधिक पत्तियाँ बनाना शुरू करता है और तेजी से विकास करता है।
सप्ताह 3 - वेजिटेटिव स्टेज (15 मार्च - 21 मार्च)
वेजिटेटिव स्टेज में, आपको आर्द्रता लगभग 70% रखनी होगी, हालांकि कभी-कभी चार्ट में ये 25%-30% तक गिरती है। तापमान भी समायोजित करना होगा। यदि चार्ट में तापमान अचानक गिरता दिखे तो पूर्वानुमानित उपाय करें।

तापमान गिरने से पौधों में स्ट्रेस आ सकता है, अगर आप इसका पूर्वानुमान लगा लें, तो आप सही तरीके से पौधे की रक्षा कर सकते हैं। इस स्टेज में तापमान 22-25°C के बीच रखना जरूरी है।

तीसरे सप्ताह में आपको पौधों में तेजी से विकास दिखाई देगा, वेजिटेटिव स्टेज शुरू होते ही।
सप्ताह 4 - वेजिटेटिव स्टेज (22 मार्च - 28 मार्च)
भले ही बाहरी पौधे 14-16 घंटे की रोशनी में बढ़ सकते हैं, फिर भी वे 18 घंटे की रोशनी में अधिक अच्छा विकास करेंगे।

कुछ क्षेत्रों में इतनी धूप नहीं मिलती, इसलिए अपनी कैनबिस की खेती उन्हीं महीनों में प्लान करें जब आपके क्षेत्र में सबसे अधिक रोशनी हो।

अगर आप अच्छे से देखभाल कर रहे हैं, इस स्टेज में पौधा हर दिन एक जोड़ी पत्तियाँ विकसित करता है। उसे ज़्यादा स्ट्रेस न दें ताकि उसका विकास ठीक से हो।
सप्ताह 5 - वेजिटेटिव स्टेज (22 मार्च - 28 मार्च)
यह वेजिटेटिव स्टेज का अंतिम सप्ताह है, इसके बाद प्री-फ्लावरिंग शुरू होगी। इस सप्ताह आप SCROG के लिए जाल लगाना शुरू कर सकते हैं और यदि आपने LST किया है तो टाईज़ हटा सकते हैं।

इस स्टेज पर, वेजिटेटिव न्यूट्रिएंट्स कम करते जाएँ और धीरे-धीरे फ्लावरिंग न्यूट्रिएंट देना शुरू करें। यही पौधे को फ्लावरिंग के लिए तैयार करता है।

सप्ताह 6 में पौधा लगभग प्री-फ्लावरिंग स्टेज में पहुँच जाता है। बस कुछ ही दिन में सफेद बालियाँ दिखने लगेंगी।
सप्ताह 6 - प्री-फ्लावरिंग (5 अप्रैल - 25 अप्रैल)
करीब 10 अप्रैल के आसपास पौधा सफेद बालियाँ दिखाने लगता है यानी प्री-फ्लावरिंग स्टेज शुरू हो जाती है।

रिलेटिव ह्यूमिडिटी करीब 60% होनी चाहिए और फूलिंग के अंत तक धीरे-धीरे घटाकर 40% तक करें। चार्ट देखकर आपको अनुमान लग जाएगा।

सप्ताह 7 - फ्लावरिंग (12 अप्रैल - 18 अप्रैल)
फ्लावरिंग में पौधा महकने लगता है। अब समय है कि आप कार्बन फ़िल्टर या अन्य उपायों से सुगंध छुपाएँ।

इस सप्ताह आर्द्रता काफी कम हो जाएगी, इसलिए शायद आपको ग्रोइंग स्पेस में ह्यूमिडिफायर या अन्य उपाय की जरूरत पड़े।

सप्ताह 7 में पौधा कलियों को भारी और मोटा करने लगता है, और आपको हर बड साइट पर सफ़ेद बालियाँ दिखाई देंगी। इस स्टेज में उच्च गुणवत्ता वाले फ्लावरिंग न्यूट्रिएंट्स देना शुरू करें।
सप्ताह 8 - फ्लावरिंग (19 अप्रैल - 25 अप्रैल)
हार्वेस्ट से दो सप्ताह पहले फ्लशिंग शुरू कर दें। जड़ धोने से पौधे में बची न्यूट्रिएंट्स निकल जाती हैं और फूल ज्यादा सुगंधित और स्वादिष्ट बनते हैं।

ठंडे मौसम के लिए इन्डिका-प्रधान हाइब्रिड स्ट्रेन सबसे अच्छा रहेगा क्योंकि ये ठंड को बेहतर संभालते हैं। जब तक तापमान 13°C से नीचे नहीं जाता, सब सही रहेगा।

सप्ताह 9 - फ्लावरिंग (12 अप्रैल - 18 अप्रैल)
अंतिम सप्ताह में पौधा पककर तैयार हो जाता है। यह जरूरी है कि आप सही समय पर हार्वेस्ट करें और सुखाने के लिए जगह तैयार रखें।

हार्वेस्ट और ट्रिमिंग के बाद, आपको पौधे को करीब 2 हफ्ते सुखाना होगा, और फिर कम से कम 2 हफ्ते के लिए क्यौरिंग करनी होगी।

जब पौधा हार्वेस्ट के लिए तैयार हो जाता है तो ज़्यादातर ग्रोअर इसे कटाई के बाद 48 घंटे तक पूर्ण अंधेरे में रखते हैं। इससे मिट्टी पूरी तरह सूख जाती है और ड्राइंग टेंट तैयारी हो जाती है।
3. कटाई के बाद की प्रक्रिया
देखिए, अब हमने इटली के ग्रोअर का पूरा ग्रो डायरी कवर कर लिया! लेकिन असली काम हार्वेस्ट के बाद शुरू होता है। आपको फसल काटने से पहले यह तय करना होगा कि आप वेट ट्रिमिंग करेंगे या ड्राई ट्रिमिंग।
निर्णय लेने के बाद ड्राइंग एरिया सेट करें और हार्वेस्टिंग करें। घर और प्रोफेशनल ग्रोअर दोनों के बीच हार्वेस्ट और ड्राइंग के कई आम तरीके हैं—अपने हिसाब से चुनें। ड्राइंग और ट्रिमिंग खत्म होने के बाद समय है क्योरिंग का। जी हाँ, क्योरिंग जरूरी है। इससे ही आपको सबसे अच्छा प्रोडक्ट मिलेगा, इस स्टेप को न छोड़ें। अब जानते हैं ट्रिमिंग, ड्राइंग और क्योरिंग कैसे करें।
कैनबिस की ट्रिमिंग
जैसा कि ऊपर बताया, ट्रिमिंग दो श्रेणियों में बंटी है: गीली (wet) और सूखी (dry) ट्रिमिंग। इन दोनों में आपका परिवेश की नमी और तापमान को नियंत्रित करने की काबिलियत और आपकी पसंद मायने रखती है। ज़्यादातर ग्रोअर सूखी ट्रिमिंग करते हैं।
वेट vs ड्राई ट्रिमिंग की बात से पहले जानते हैं ड्राइंग के लिए आदर्श स्थितियाँ क्या हैं—यही निर्णायक होती हैं। ड्राई करने के लिए 15-20°C और 50-60% आर्द्रता सबसे अच्छा है। यदि आप ये माहौल नहीं बना सकते, तो वेट ट्रिमिंग बेहतर है, खासकर अगर आपका ड्राई रूम ज़्यादा गर्म या नम हो।

ड्राइंग 7-12 दिनों तक चले तो सबसे अच्छा। अच्छे वेंटिलेशन की जरूरत है, खासकर वहां जहां परिस्थिति नियंत्रित करना मुश्किल हो। AC या फैन का डायरेक्ट हवा कलियों पर न डालें—इससे वे बहुत जल्दी सूख जाएंगी।
वेट ट्रिमिंग
वेट ट्रिमिंग में, पौधे की संरचना और अधिकतर पत्तियाँ ट्रिमिंग रूम में ले जाने से पहले हटा दी जाती हैं। यह गर्म और आद्र्र जलवायु में सूखने की प्रक्रिया तेज करने के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है—बड में फफूंदी बनने की संभावना कम होती है।
वेट ट्रिमिंग के लिए धीरे-धीरे एक-एक ब्रांच काटें और फिर हर ब्रांच को बड तक ट्रिम करें। फैन लीफ्स और शुगर लीफ्स हटाएँ। यह गर्म और नम क्लाइमेट में ड्राइंग तेज करने के लिए है।
ड्राई ट्रिमिंग
अगर आपके पास कंट्रोल्ड क्लाइमेट है तो ड्राई ट्रिमिंग करें। 80 सेमी से कम पौधों को पूरा उल्टा टांगें, और बड़े पौधों की ब्रांच काटकर टांगें।

ड्राइंग पूरी होने के बाद पौधे ट्रिमिंग के लिए बाहर निकालें। ड्राइ ट्रिमिंग वेट ट्रिमिंग से कहीं कम गंदा काम है और तुरंत अच्छे से मैनीक्योरिंग हो जाती है। ट्रिमिंग करते समय बड को शेव न करें—केंची के सिरों से ही बेस पर शुगर लीफ्स काटें ताकि फूल जैसी है वैसे ही रहे।
कैनबिस क्योरिंग
क्योरिंग आसान है, बस पहली बार सब्र चाहिए। इसे वाइन की तरह समझें—फर्क बस इतना है कि इसे महीनों नहीं लगता। ड्राइंग और ट्रिमिंग खत्म होते ही, बड्स को क्योरिंग जार में भरें। कोई भी एयरटाइट कंटेनर चलेगा, लेकिन लाइट प्रूफ हो तो बेहतर है। क्योंकि कैनाबिनॉयड्स और टेर्पेन्स लाइट से नुकसान में आ सकते हैं।
जरूरी यह है कि कंटेनर 75% से अधिक न भरें। फूलों को सांस लेने के लिए जगह चाहिए, वरना फफूंदी का खतरा रहेगा। कंटेनर को ठंडी, अंधेरी, सूखी जगह में 2 सप्ताह से 6 माह तक रखें (जितना ज्यादा, उतना उम्दा फ्लेवर)। पहले दो हफ्ते जार में स्मॉल हाईग्रोमीटर रखें—58-62% RH होना चाहिए। ज्यादा RH हो तो एक दिन में दो बार कंटेनर खोलें। जब हाईग्रोमीटर स्थिर हो जाए तो ‘बर्पिंग’ बंद कर दें।
छह महीने?! सब स्त्रैन्स को छह महीने नहीं चाहिए, दो सप्ताह में भी अच्छा क्योर हो सकता है, पर समय के साथ टेर्पेन्स और कैनाबिनॉयड्स का स्वाद और असर और बेहतर होता है।
क्या क्योरिंग जरूरी है? बिल्कुल, बिना क्योरिंग आपका बड फुल पोटेंशियल पर नहीं होगा। अगर आपके पास धैर्य नहीं है, तो सुखाने के बाद इस्तेमाल कर सकते हैं, पर हम इंतजार करने की सलाह देते हैं।
4. इटली में बाहरी कैनबिस ग्रोइंग के टिप्स
सर्वश्रेष्ठ मिट्टी
अगर आप बहुत नमी वाले स्थान पर हैं, तो पर्लाइट मिलाएँ; अगर सूखी जगह हैं तो कोको फाइबर मिलाकर नमी बनाए रखें।
सही जेनेटिक्स चुनना
अपने मौसम के अनुसार जेनेटिक्स चुनें: सामान्यतः कम तापमान के लिए इंडिका-प्रधान, अधिक तापमान के लिए सैटिवा-प्रधान।
सुगंध छुपाएँ
अगर बालकनी पर उगा रहे हैं, तो घूमरिले पौधे लगाकर सुगंध छिपा सकते हैं।
गुरिल्ला ग्रोइंग
अगर आप गुरिल्ला ग्रोइंग की योजना बना रहे हैं तो बिल्कुल उपयुक्त जगह देखें: जहां पर्याप्त रोशनी, पानी पास में हो और कीड़े-मकोड़े और जानवर दूर रहें।
गॉफर और मोल्स जड़ें खा सकते हैं—ये जमीन के नीचे रहते हैं, इसलिए जमीन में छेद या कुतरे पौधों की तलाश करें।

बड़े बड्स पाएं
घने व बड़े बड्स चाहिए तो पौधों को ऐसे प्लान करें कि वे फूलते समय अधिक धूप पा सकें। इससे अधिक आउटडोर यील्ड और उम्दा फूल मिलेंगे।
सर्वश्रेष्ठ न्यूट्रिएंट्स
ऑर्गेनिक न्यूट्रिएंट्स पौधों को जलाएंगे नहीं और फूलों का स्वाद और सुगंध भी बेहतर होगी। सिंथेटिक न्यूट्रिएंट चाहें तो सावधानीपूर्वक दें।
5. इटली में आम कीट
लगभग सभी आम कीट जो कैनबिस की फसल को प्रभावित करते हैं, वे इटली में मौजूद हैं। इनमें स्पाइडर माइट्स, ब्रॉड माइट्स, एफिड्स, कैटरपिलर्स, इंचवर्म्स, निमेटोड्स, हिरन, पक्षी, मोल्स और गिलहरियाँ शामिल हैं, और फंगल समस्याएँ भी आम हैं। शुरू करने से पहले अपने स्थानीय हाइड्रोपोनिक्स स्टोर से क्षेत्र में मौजूद कीटों के बारे में सलाह लें। अगर आप कीट व फफूंदी से चिंतित हैं, तो नीम तेल या सिंथेटिक स्प्रे और प्रिवेंशन प्रोग्राम चला सकते हैं। नीम स्प्रे के लिए:
- 500 मि.ली. पानी
- 1 मि.ली. नीम तेल
- 75% ताकत वाला इनसेक्टिसाइडल साबुन
इसे धीरे-धीरे मिलाएँ और泡 न बनने दें। हर 5 से 8 दिन में पूरी पौधे पर अच्छे से छिड़कें (खासकर वेजिटेटिव ग्रोथ स्टेज में)।
छोटे कीट अक्सर पत्तियों के नीचे और कोनों में छिपते हैं, खास ध्यान दें। यह स्प्रे फूलिंग के अंतिम 3 हफ्ते पूरी तरह बंद कर दें और कभी भी फूलों को स्प्रे न करें।
6. इटली में पानी की गुणवत्ता
पानी की गुणवत्ता इलाके और स्रोत के अनुसार बदलती है। स्थानीय जल रिपोर्ट से कठिनाई और मिनरल कंटेंट पता लगाए जा सकते हैं, जबकि छत से एकत्र वर्षा जल में कचरा या दूषित तत्व हो सकते हैं।
ज्यादातर जगहों पर टैप वॉटर कैनबिस की खेती के लिए उपयुक्त है। लेकिन क्षेत्र अनुसार पानी की गुणवत्ता व पीएच अलग हो सकता है, और अधिकतर जगहों में क्लोरीन भी होता है। इसका हल है कि पानी रातभर कंटेनर में रख दें। क्या मैं वर्षा जल इस्तेमाल कर सकता हूँ?

वर्षा जल इटली में हर जगह एकत्र करना कानूनी है और आउटडोर कैनबिस के लिए उपयुक्त है। वैसे भी बारिश के दौरान पौधे वही पानी लेंगे। अधिक सुरक्षा/कंट्रोल के लिए ग्रीनहाउस बनाएं—यह बारिश एवं अन्य मौसमी प्रकोप और कीट/जानवरों से सुरक्षा देता है।
हमेशा पानी का पीएच और TDS या EC उपयोग से पहले, दरम्यान और बाद में जाँचे। पानी में गलत पीएच/न्यूट्रिएंट घनत्व से भविष्य में समस्याएँ हो सकती हैं। हर ग्रोअर को pH और EC मीटर ज़रूर लेना चाहिए।
7. क्या इटली में कैनबिस कानूनी है?
उत्तर है नहीं। पहले ग्रो शॉप्स और ग्रोअर “ग्रे एरिया” का लाभ उठाते थे, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है कि घरेलू स्तर पर (बहुत कम मात्रा में) और सिर्फ व्यक्तिगत उपयोग के लिए कैनबिस उगाना अपराध नहीं है। यह फैसला कहता है कि जब तक यह छोटे स्तर पर, कुछ पौधों तक सीमित, कम यील्ड, बिना प्रोफेशनल इक्विपमेंट और व्यवसायिक उद्देश्यों के बिना (ब्लैक मार्केट से संबंध नहीं) हो, आप पर आपराधिक कार्रवाई नहीं हो सकती।
चूंकि THC पर सीधी रोक नहीं है, यहां पेराफर्नेलिया, ग्रोइंग उपकरण, CBD उत्पाद और 0.2% THC से कम फूल खरीदे-बेचे जा सकते हैं (इसे हेम्प मानते हैं), लेकिन यह उत्पाद महंगे और क्वालिटी में कमतर होते हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की ताज़ा गाइडलाइन के अनुसार CBD उत्पादों की सार्वजनिक बिक्री पर सहमति नहीं है, तो हो सकता है कि आप घर में ग्रो करें पर कोई शिकायत करे (जैसे बदबू के लिए), तो परेशानी हो सकती है। यदि आपके पास बहुत अधिक पौधे, तौलने वाली मशीन, या ज़िपलॉकबैग्स पाए गए तो जज ये मान सकता है कि आप व्यवसाय के लिए उगा रहे हैं।
8. निष्कर्ष
हालाँकि आप लगभग सभी ऑटोफ्लावरिंग स्ट्रेन्स साल में कई बार उगा सकते हैं, लेकिन मौसम की जानकारी से आप साइकिल अधिकतम बना सकते हैं।
धूप का समय जानकर न सिर्फ पौधे की यील्ड, बल्कि उसकी सेहत व नमी-संबंधी समस्याओं से बच सकते हैं।
हमारी सप्ताह-दर-सप्ताह गाइड से उम्मीद है कि आप अपना आउटडोर ग्रो सही ढंग से प्लान और शांतिपूर्वक कर पाएँ। अगर आपने पहले ग्रो किया है तो हमें बताइए कि आपके सबसे बड़े चैलेंज क्या रहे?
बाहरी स्रोत
- Servizio nazionale di previsione neve e valanghe (Meteo Aeronautica);
- La repubblica: Cannabis, la Cassazione: "Coltivazione in casa non è reato";
- Richiesta di parere sulla commercializzazione di prodotti contenenti THC.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इटली में बाहरी ग्रोइंग का सीजन आम तौर पर वसंत से शरद ऋतु तक चलता है। कई क्षेत्रों में अप्रैल और मई महीने गर्म होते हैं और दिन लंबे होते हैं। हालाँकि, उत्तर, मध्य और दक्षिण इटली में परिस्थितियाँ भिन्न होती हैं। खेती से पहले स्थानीय कानून और मौसम की जानकारी जरूर लें।
इटली की भूमध्यसागरीय जलवायु विशेषकर मध्य और दक्षिण क्षेत्रों में कोशिकाओं की अच्छी वृद्धि को बढ़ावा देती है। अत्यधिक गर्मी, लगातार बारिश, और शरद की नमी चुनौतियाँ उत्पन्न कर सकती हैं।
उत्तरी इटली में वसंत में अधिक ठंड, ज्यादा बारिश और कम गर्म दिन होते हैं, जिससे पौधों की वृद्धि व नमी संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं। फिर भी, हाँ, उत्तरी इटली में कैनबिस बाहर उगाई जा सकती है।
दक्षिणी इटली में गर्म सीजन लंबा, भरपूर धूप और शरद में हल्की ठंड होती है, लेकिन गर्मियों में अधिक तापमान, सूखा और पानी की उपलब्धता समस्याएँ बन सकते हैं।
फोटोपीरियड कैनबिस लंबी रोशनी के घंटों में ग्रोथ करता है (वसंत व गर्मियों में)। इस दौरान पौधे तना, शाखाएं, पत्तियाँ और जड़ें बढ़ाते हैं।
फोटोपीरियड कैनबिस में दिन कम होने के बाद (ग्रीष्म संक्रांति के बाद) फ्लावरिंग शुरू होती है। सटीक समय जेनेटिक्स, क्षेत्र और मौसम पर निर्भर करता है। ऑटोफ्लावरिंग कैनबिस में मुख्य रूप से उम्र के अनुसार फ्लावरिंग होती है न कि दिन की लम्बाई से।
अत्यधिक गर्मी, सूखा, भारी बारिश, तेज़ हवा, और फंगल रोग मुख्य पर्यावरणीय चुनौतियाँ हैं। एफिड्स, कैटरपिलर्स, स्पाइडर माइट्स जैसे कीट भी असर डाल सकते हैं। समस्याएँ क्षेत्र, मौसम और आसपास के पौधों पर निर्भर करती हैं।
ऑटोफ्लावरिंग कैनबिस उम्र के हिसाब से फ्लावरिंग में जाती है, जबकि फोटोपीरियड कैनबिस दिन की लंबाई के अनुसार बदलती है। ऑटोफ्लावरिंग का जीवनचक्र छोटा होता है, फोटोपीरियड लंबा।
बारिश के कारण नमी बढ़ती है, जिससे फंगी के लिए अनुकूल माहौल बनता है, खासकर यदि आर्द्रता लगातार अधिक रहे। घने बड्स में फफूंदी का खतरा अधिक होता है। इटली के अलग-अलग इलाकों में शरद में बारिश के पैटर्न अलग होते हैं।
फोटोपीरियड कैनबिस का फूलना व पकना आम तौर पर शरद ऋतु तक चलता है। किस्म और क्षेत्र के आधार पर, पकने में सितंबर से नवंबर तक लग सकते हैं। ऑटोफ्लावरिंग का चक्र कम समय में पूरा होता है।
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